Monday, September 13, 2010

नाउम्मीद ना हो इस जिन्दगी से तू मेरे दोस्त
जिन्दगी तो इम्तहान लेती है ........
आज अगर तेरी आँखों मैं आंसू
है तो क्या
कल को फिर एक नयी
मुस्कान भी देती है ..............

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